आनंद बक्शी/आनंद बख्‍़शी की जीवनी “नग़मे किस्से बातें यादें” अनुवाद : यूनुस ख़ान

 

गीतकार आनंद बक्शी की जीवनी “नग़मे क़िस्से बातें यादें”….. इसे लिखा है उनके बेटे राकेश आनंद बक्शी ने और इसका अनुवाद किया है यूनुस ख़ान ने।
 
किताब जून 2021 में रिलीज़ होगी। 
 
इस किताब का हिंदी संस्करण मुफ़्त उपलब्ध होगा आपके पढ़ने और डाउनलोड करने के लिए।
 
 
 

BIOGRAPHY “NAGME KISSE BAATEIN YAADEIN’ in Hindi by Rakesh Anand Bakshi arriving in June 2021.

Translated in Hindi by Yunus Khan; it will be made available here for free to read and download in June 2021.

 

 

 
Aim In Life

‘मेरी ज़िंदगी का मक़सद’

 

24 जनवरी 1950 को जब आनंद प्रकाश बख्‍़शी फ़ौज में थे तो उन्‍होंने अपना एक घोषणा-पत्र तैयार किया—जिसे उन्‍होंने नाम दिया ‘ज़िंदगी का मक़सद’:

चाहे कोई ग़रीब हो या अमीर—सबका अपनी ज़िंदगी में एक मक़सद होना चाहिए। अगर किसी इंसान का ज़िंदगी में कोई मक़सद ना हो, तो वो बिना पतवार के एक जहाज़ की तरह होगा, जो हवाओं के थपेड़ों पर यहां-वहां चला जायेगा। अपने रास्‍ते पर उसका कोई काबू नहीं होगा। अगर किसी इंसान का ज़िंदगी में कोई मक़सद ना हो—उसके काम या उसके बर्ताव को दिशा देने वाली कोई प्रेरणा नहीं रहेगी। मैं आनंद बख्‍़शी (आज़ाद) ये ऐलान करता हूं कि मैं संगीत सीखने की तमन्‍ना रखता हूं। और मेरी ज़िंदगी का मक़सद है कलाकार बनना। और इसे पूरा करने के लिए मैं फ़ि‍ल्‍म, रेडियो या थियेटर में जाऊंगा। मैं गायक, संगीतकार, निर्देशक जो मुमकिन होगा, बनूंगा।

 

तीन दशक से भी ज़्यादा बीते तब उन्होंने 10 अक्टूबर 1988 को ‘ज़िंदगी का मक़सद’ में एक फुट-नोट और जोड़ दिया-

 

मक़सद पूरा हुआ: मैं एक कामयाब गीतकार बन गया। मैंने नाम, दाम, शोहरत, मकान, कारें सब कमाया। और ज़िंदगी के इस रास्‍ते पर मैंने अपना आत्‍मविश्‍वास जाने कब खो दिया। मैं आनंद प्रकाश से आनंद बख्‍़शी बन गया। अब मैं आनंद बख्‍़शी से फिर आनंद प्रकाश बनना चाहता हूं। मुझे लगता है कि मैं एक बार ये कर चुका हूं तो दोबारा इसे कर सकता हूं। ऊपर वाले मेरी मदद करना। इन तीस सालों में मैंने ग़लतियां की। मैं इन ग़लतियों के लिए माफ़ी चाहता हूं। मुझे नहीं पता था कि मैं क्‍या कर रहा हूं।

आनंद बख्‍़शी

 
English edition published by Penguin India in May 2021: http://bit.ly/AnandBakshi 
 
     

 

 

 

… back page: with Dilip K, Saira B, Rajesh K, Sahir.

 
 

There are a few unreleased songs from released and unreleased films I have made available on his YouTube channel for listeners, as they belong to you all. Songs of Mahesh Bhat’s Dhun, Hiren Khera’s Hey Ram, Raj Kapoor’s Satyam Shivam Sundaram and others. 

 

These two songs, one from Dhun by Mehdi Hassan, Talat Aziz (Anand Bakshi quotes from the Gita, Lord Krishna telling Arjun: “….look not to your exterior. Turn your gaze inward, that is where resides the ‘paramatman’.”); and another from Hey Ram by Lata Mangeshkar and Mohammed Rafi are two spiritual lyrics that are amongst his best writing, moreover, reflect the soul of the daddy we the family were privy to. I wish you look them up. Stay inspired. Rakesh Anand Bakshi.

 

 

Biography of Anand Bakshi by Rakesh Bakshi now available at here
आनंद बक्शी की जीवनी "नग़मे क़िस्से बातें यादें"..... जून 2021 में इस किताब का हिंदी संस्करण मुफ़्त उपलब्ध : यहाँ क्लिक करें
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Nagme, Kisse,
Baatein, Yaadein

The Life & Lyrics of Anand