आनंद बक्शी / आनंद प्रकाश बख़्शी की जीवनी “नग़मे किस्से बातें यादें” अनुवाद : यूनुस ख़ान

गीतकार आनंद बक्शी (आनंद प्रकाश बख़्शी) की जीवनी “नग़मे क़िस्से बातें यादें”….. आनंद बख्‍़शी का जीवन और उनके गीत
 हिंदी संस्करण (डिजिटल संस्‍करण) में रिलीज़ होगी। 
इस किताब का डिजिटल  हिंदी संस्करण मुफ़्त उपलब्ध होगा आपके पढ़ने के लिए। डिजिटल संस्‍करण को मुफ़्त में पढ़ने के लिए आप पाँच सौ रूपए तक दान कर सकते हैं। यह संस्‍करण हम आपके लिए मुफ्त में उपलब्‍ध करवा रहे हैं। आप इस संस्‍करण की लागत के पैसे अपनी मर्ज़ी से किसी संस्‍था को दान में दे दें। या फिर ग़रीबों को पाँच सौ रूपए तक का भोजन करवा दें। शुक्रिया। 
– आनंद प्रकाश बख़्शी 
– राकेश आनंद बक्शी

BIOGRAPHY “NAGME KISSE BAATEIN YAADEIN’ in Hindi (digital edition only) by Rakesh Anand Bakshi.

Translated in Hindi by Yunus Khan;  digital edition will be made available here for free to read.

However, if you want to pay for the digital version and not read it for free, you may please donate up to Rs 500-600, the cost of the English edition, to any charity NGO etc of your choice or please feed meals of up to Rs 500-600 to the destitute//’poor’. 

‘मेरी ज़िंदगी का मक़सद’

24 जनवरी 1950 को जब आनंद प्रकाश बख्‍़शी फ़ौज में थे तो उन्‍होंने अपना एक घोषणा-पत्र तैयार किया—जिसे उन्‍होंने नाम दिया ‘ज़िंदगी का मक़सद’:

चाहे कोई ग़रीब हो या अमीर—सबका अपनी ज़िंदगी में एक मक़सद होना चाहिए। अगर किसी इंसान का ज़िंदगी में कोई मक़सद ना हो, तो वो बिना पतवार के एक जहाज़ की तरह होगा, जो हवाओं के थपेड़ों पर यहां-वहां चला जायेगा। अपने रास्‍ते पर उसका कोई काबू नहीं होगा। अगर किसी इंसान का ज़िंदगी में कोई मक़सद ना हो—उसके काम या उसके बर्ताव को दिशा देने वाली कोई प्रेरणा नहीं रहेगी। मैं आनंद बख्‍़शी (आज़ाद) ये ऐलान करता हूं कि मैं संगीत सीखने की तमन्‍ना रखता हूं। और मेरी ज़िंदगी का मक़सद है कलाकार बनना। और इसे पूरा करने के लिए मैं फ़ि‍ल्‍म, रेडियो या थियेटर में जाऊंगा। मैं गायक, संगीतकार, निर्देशक जो मुमकिन होगा, बनूंगा।

तीन दशक से भी ज़्यादा बीते तब उन्होंने 10 अक्टूबर 1988 को ‘ज़िंदगी का मक़सद’ में एक फुट-नोट और जोड़ दिया-

मक़सद पूरा हुआ: मैं एक कामयाब गीतकार बन गया। मैंने नाम, दाम, शोहरत, मकान, कारें सब कमाया। और ज़िंदगी के इस रास्‍ते पर मैंने अपना आत्‍मविश्‍वास जाने कब खो दिया। मैं आनंद प्रकाश से आनंद बख्‍़शी बन गया। अब मैं आनंद बख्‍़शी से फिर आनंद प्रकाश बनना चाहता हूं। मुझे लगता है कि मैं एक बार ये कर चुका हूं तो दोबारा इसे कर सकता हूं। ऊपर वाले मेरी मदद करना। इन तीस सालों में मैंने ग़लतियां की। मैं इन ग़लतियों के लिए माफ़ी चाहता हूं। मुझे नहीं पता था कि मैं क्‍या कर रहा हूं।

आनंद प्रकाश बख़्शी 

इस जीवनी का अंग्रेज़ी पुस्‍तक संस्‍करण पेंग्विन इंडिया ने मई 2021 में प्रकाशित किया थाजो किताबों की दुकानों पर उपलब्‍ध है। इसके अलावा इसका पुस्‍तक और ई-बुक संस्‍करण दोनों ही अमेज़ॉन पर उपलब्‍ध हैं। ये रहा लिंक- http://bit.ly/AnandBakshi

… back page: with Dilip Kumar, Saira Banu, Rajesh Khanna, Sahir.

There are a few unreleased songs from released and unreleased films I have made available on his YouTube channel for listeners, as they belong to you all. Songs of Mahesh Bhat’s Dhun, Hiren Khera’s Hey Ram, Raj Kapoor’s Satyam Shivam Sundaram and others. 

आनंद बख्‍़शी के कुछ अनरिलीज़्ड गानेजो कुछ रिलीज़ और अनरिलीज़्ड फ़िल्‍मों से हैं—उन्‍हें मैंने संगीत के क़द्रदानों के लिए बख्‍़शी साहब के यूट्यूब चैनल पर जारी किया हैक्‍योंकि अब ये गाने आप सभी के हैं। इनमें शामिल हैं महेश भट्ट की फ़िल्‍म धुन’ हीरेन खेरा की फ़िल्‍म हे राम’, राजकपूर की फ़िल्‍म सत्‍यम शिवम् सुंदरम’ सहित कई फ़िल्‍मों के गाने।

These two songs, one from Dhun by Mehdi Hassan, Talat Aziz (Anand Bakshi quotes from the Gita, Lord Krishna telling Arjun: “….look not to your exterior. Turn your gaze inward, that is where resides the ‘paramatman’.”); and another from Hey Ram by Lata Mangeshkar and Mohammed Rafi are two spiritual lyrics that are amongst his best writing, moreover, reflect the soul of the daddy we the family were privy to. I wish you look them up. Stay inspired. Rakesh Anand Bakshi.

ये दो गानेएक फ़िल्‍म धुन’ का है मेहंदी हसन और तलत अज़ीज़ का गाया हुआ। (आनंद बख्‍़शी गीता का संदेश गाने के ज़रिए पहुंचा रहे हैं। भगवान कृष्‍ण अर्जुन से कहते हैं—तुम अपनी दृष्टि संसार से परे हटाओ। भीतर झांको। क्‍योंकि परमात्‍मा का वास वहीं है‘);
एक और गाना है फ़िल्‍म 
है राम’ का जिसे लता मंगेशकर और मोहम्‍मद रफ़ी ने गाया है। ये दो आध्‍यात्मिक गाने डैडी के सबसे अच्‍छे गानों में से एक हैं। ये डैडी की आत्‍मा की झलक हैंजिसे सिर्फ़ हम परिवार के लोग ही देख पाये थे।  

Biography ‘Nagme Kisse Baatein Yaadein’ English: here
‘नग़मे किस्से बातें यादें’ हिंदी संस्करण मुफ़्त में यहां पढ़ सकते हैं:यहाँ क्लिक करें
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